Traditional Marketing VS Digital Marketing

  • आप सभी को हमारा नमस्कार साथ ही हमारी ब्लॉगिंग वैबसाइट readless.in पर आप सभी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है। कई सफल लेख के बाद हम एक बार फिर से आपके लिए अनोखा आर्टिक्ल लेकर आए है जिसका नाम है Traditional marketing VS Digital Marketing है
 
  • विषय की शुरुआत करने से पहले हमे इसके इतिहास और अहमियत के बारे मे जानना एवं समझना होगा। जैसा की हम जानते है की विश्व मे हर कोई Marketing का इस्तेमाल कर रहा है और यह महत्वपूर्ण भी है क्यूकी Marketing का इस्तेमाल न केवल बड़े बड़े उद्धोगपति बल्कि बड़े बड़े पॉलिटिशन भी कर रहे है क्यूकी इसके माध्यम से यह लोग अपनी छाप आम जनता पर छोड़ते है तथा अपनी बात जनता तक पाहुचते है
 
  • सरल भाषा मे कहा जाए तो Marketing के बिना उद्धोगपतियों एवं पॉलिटिशन की कल्पना भी नहीं कर सकते क्योकि व्यापार जगत और पोलिटीशियन इसी पर निर्भर करते है
 

मार्केटिंग के प्रकार :-

21वी सदी मे Marketing 2 प्रकार से की जा रही है 1 traditional marketing, 2 Digital marketing हम इन्हे offline marketing एवं online marketing के नाम से भी जानते है
 

आइए हम सभी इन दो प्रकार के मार्केटिंग के बीच के अंतर को समझने की कोशिश करें

A:- Traditional Marketing:-

हम जिस समाज मे रहते हमे वहा traditional Marketing के कई उदाहरण देखने को मिलते है जैसे :- टीवी अद्वेर्टीसेमेंट, न्यूज पेपर, रेडियो, बैनर, होडिंग इत्यादि परंतू इन सबका प्रचालन धीरे धीरे खत्म होता जा रहा है।  साथ ही यह डिजिटल Marketing की तुलना मे इतना अच्छा नहीं है।
 

B :-Digital marketing:-

जैसा की हमे नाम से ही पता चल रहा है की इसमे digitalization के माध्यम से Marketing की जाती है और यह सब हम इंटरनेट के माध्यम से करते है और यह धीरे –धीरे Ttraditional Marketing की जगह लेता जा रहा है।

Digital marketing मे हम Marketing करने के लिए भिन्न – भिन्न प्रकार की इंटरनेट वैबसाइट एवं social मीडिया प्लैटफ़ार्म का इस्तेमाल करते है जैसे Facebook, twitter, इत्यादि। social media हमारी जिंदगी मे बहुत अहम भूमिका निभाता है जिसके बारे मे हम बाद मे समझेंगे

 

आइये अब हम Traditional Marketing VS Digital Marketing के बीच का अंतर समझने की कोशिश करते है

  • Traditional Marketing मे समय एवं धन की बहुत अधिक खपत होती है इसके विपरीत Digital marketing समय और धन की बचत होती है।
  • Traditional Marketing मे परिणाम इतनी आसानी से नहीं देखा जा सकता जबकि इसके विपरीत Digital marketing मे परिणाम आसानी से देखा जा सकता है।
  • Traditional Marketing के माध्यम से हम अपनी मनचाही audience तक नहीं पहुच सकते है जबकि Digital Marketing के साथ हम मनचाही audience के साथ मनचाही जगह पर भी Marketing कर सकते है
  • Traditional marketing की कुछ सीमाए है जबकि Digital Marketing से आप विश्व भर के साथ संवाद कर सकते है तथा इसकी कोई सीमा नहीं है।
  • Traditional marketing में, आपकी पहुंच हर जगह तक नहीं है, लेकिन Digital Marketing के माध्यम से आपकी पहुंच हर जगह हो सकती है।
 

तो हम कह सकते हैं कि Digital Marketing, Traditional marketing की तुलना में आसान और सस्ती है।

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